झरिया क्षेत्र में मतदान के दिन हुई मारपीट की घटना में घायल युवकों से मिलने पूर्व विधायक सह मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह मंगलवार की दोपहर धनबाद स्थित Shaheed Nirmal Mahto Medical College and Hospital (एसएनएमसीएच) पहुंचे।
झारखंड विधानसभा में आज मंगलवार को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 2026-2027 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की ओर से विधानसभा में अबुआ दिशोम बजट पेश किया गया।
राज्य में आज मंगलवार 24 फरवरी 2026 को प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने झारखंड राज्य 2026-27 अबुआ दिशोंम बजट को ऐतिहासिक बताया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित तमाम मंत्रीगणों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित किया है।
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए इसे गरीबों के आंसू पोंछने वाला बजट बताया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से लंबित बकाया राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और कहा कि केंद
झारखंड विधानसभा में आज मंगलवार को 2026-27 का बजट पेश किया गया। जिसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) खोलने की घोषणा की है।
झारखंड विधानसभा में आज मंगलवार को 2026-27 का बजट पेश किया गया। जिसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) खोलने की घोषणा की है।
झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया।
झारखंड में कल सोमवार की शाम 2026 की पहली बारिश हुई। राज्य के कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली और कई इलाकों में तेज बारिश हुई।
झारखंड के चतरा जिला स्थित सिमरिया के कसारी जंगल में बीते सोमवार शाम को एक तेज धमाके साथ विमान हादसा हुआ। जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा लगभग 8 बजे हुई।
राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मंगलवार दोपहर 12 बजे विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह उनका लगातार दूसरा बजट होगा। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार बढ़कर करीब 1.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जिसमें एक लाख करोड़ रुपये से अ
झारखंड में निकाय चुनाव को लेकर आज सुबह 7 बजे से ही मतदान जारी है। इसी दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों से कहीं पर हंगामा तो कहीं पर आपसी नोकझोंक होने की सूचना आ रही है।
जेल की ऊंची दीवारों के भीतर अब सिर्फ सजा नहीं, सृजन की कहानी भी लिखी जा रही है। झारखंड की विभिन्न जेलों में बंद महिला कैदियों के हाथों से बने आर्टिफिशियल गजरे अब मुंबई के बाजारों में अपनी खुशबू बिखेरने को तैयार हैं।